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जैन पाठशाला

ज्ञान | दर्शन | चारित्र

जैन पाठशाला

ज्ञान से ज्ञानध्यान तक की दिव्य यात्रा

हमारा उद्देश्य बच्चों और युवाओं में जैन धर्म के सिद्धांतों, संस्कारों और मूल्यों को रोपित कर उन्हें एक बेहतर इंसान और जागरूक समाज नागरिक बनाना है।

संस्कार
और शिक्षा
अहिंसा
और सदाचार
जैन दर्शन
और सिद्धांत
आध्यात्मिक विकास
और आत्म कल्याण
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महावीर जैन विद्यापीठ

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जयपुर

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हमारे पाठ्यक्रम

प्राइमरी विभाग (कक्षा 1 से 3)

संस्कार ग्रुप

धर्म की बुनियादी और प्यारी बातों से बच्चों को जोड़ना।

कक्षा 1

णमोकार बैच

जहाँ से धर्म की शुरुआत होगी।

कक्षा 2

संस्कार वाटिका

जहाँ बच्चों में अच्छे संस्कारों के बीज बोए जाते हैं।

कक्षा 3

दर्शन वर्ग

देव-दर्शन और बुनियादी क्रियाएँ सीखने की उम्र।

जूनियर विभाग (कक्षा 4 से 6)

बोध ग्रुप

कहानियों के साथ सिद्धांतों को समझने की शुरुआत।

कक्षा 4

बालबोध श्रेणी

बुनियादी जैन ज्ञान और सदाचार की पढ़ाई।

कक्षा 5

सदाचार वर्ग

नैतिकता, अहिंसा और शाकाहार का दृढ़ संकल्प।

कक्षा 6

तत्व कौमुदी

छह द्रव्य और सात तत्वों की शुरुआती समझ।

मिडिल विभाग (कक्षा 7 से 9)

प्रज्ञा ग्रुप

इतिहास, भूगोल और महापुरुषों के चरित्र का गहरा ज्ञान।

कक्षा 7

प्रज्ञा बैच

बुद्धि और ज्ञान का विकास।

कक्षा 8

चरित्र निर्माण वर्ग

तीर्थंकरों और महापुरुषों के जीवन से प्रेरणा।

कक्षा 9

त्रिलोक वर्ग

जैन भूगोल, तीन लोक और ब्रह्मांड की संरचना का अध्ययन।

सीनियर विभाग (कक्षा 10 से 12)

दर्शन व सिद्धांत ग्रुप

गहरे दार्शनिक और सिद्धांत जो जीवनभर काम आएंगे।

कक्षा 10

सिद्धांत वर्ग

कर्म सिद्धांत और वस्तु स्वरूप का गहरा अध्ययन।

कक्षा 11

सम्यक ज्ञान बैच

सच्चे और झूठे ज्ञान का भेद समझना।

कक्षा 12

आत्म गौरव / समयसार ग्रुप

जैन दर्शन का सर्वोच्च शिखर और अध्यात्म की समझ।

जैन पाठशाला की विशेषताएँ

अनुभवी शिक्षक

और मार्गदर्शन

आधुनिक और रोचक

शिक्षण विधि

संस्कारों पर आधारित

समग्र शिक्षा

नियमित मूल्यांकन

और प्रगति रिपोर्ट

ऑनलाइन और ऑफलाइन

दोनों विकल्प